केवल मुझे लगती थी अब पूरे घर को लगती है। केवल मुझे लगती थी अब पूरे घर को लगती है।
कि अब हिचकी भी नहीं आती। कि अब हिचकी भी नहीं आती।
प्रेम एक कभी ना ख़त्म होने वाला सफ़र है... प्रेम एक कभी ना ख़त्म होने वाला सफ़र है...
जब मुझे तुम्हारा इंतज़ार हो। जब मुझे तुम्हारा इंतज़ार हो।
फूंकते हो तुम, सुलग जाती हूँ मैं सुनो, इसे बुझा दो बुझना चाहती हूं मैं। फूंकते हो तुम, सुलग जाती हूँ मैं सुनो, इसे बुझा दो बुझना चाहती हूं मैं...
मैं और तुम , आकाश के दो रंग !! मैं और तुम , आकाश के दो रंग !!